लाभार्थी चयन हेतु प्रार्थना पत्र का प्रारूप-

१-
कार्यक्रम का नाम जिसके अर्न्तगत लाभार्थी का चयन किया जाना है -
२- लाभार्थी/कोटिनेन्ट्स (Co-tenants) का नाम-
३- पिता का नाम-
४- लाभार्थी/कोटिनेन्ट्स (Co-tenants) की श्रेणी-(सामान्य वर्ग/लघु/सीमान्त/अनुसूचित जाति/अनु० जनजाति)
५- लाभार्थी/कोटिनेन्ट्स (Co-tenants) की शैक्षिक योग्यता एवं प्रस्तावित कार्यक्रम हेतु अनुभव (यदि कोई हो)
६- गॉव का नाम-
७- विकास खण्ड का नाम-
८- लाभार्थी/कोटिनेन्ट्स (Co-tenants) के पास कुल कृषि योग्य भूमि का क्षेत्रफल (जो राजस्व अभिलेखों में उसके स्वयं के नाम दर्ज हो)-
९- कार्यक्रम के अर्न्तगत चयनित क्षेत्रफल(है० में)-
१०- चयनित क्षेत्र की सड़क से दूरी-
११- सिंचाई की उपलब्ध सुविधाऐं-
१२- लाभार्थी द्वारा चयनित क्षेत्र में वर्तमान में उत्पादित फसलों का विवरण(कृषि फसलें/औद्यानिक फसलें)-
१३- लाभार्थी द्वारा कार्यक्रमों के अर्न्तगत चयनित फसलों का विवरण(फल/शाकभाजी/मसाला एवं उनकी प्रजाति)-
१४- लाभार्थी द्वारा चयनित कार्यक्रम के संचालन हेतु जारी दिशा-निर्देशों में अपेक्षित अन्य विवरण-
१५- चयनित कार्यक्रम के संचालन हेतु जारी दिशा-निर्देशों में धनराशि के भुगतान हेतु निर्धारित प्रतिबंध एवं शर्तो को माने जाने स्वरूप निम्नानुसार प्रारूप पर लाभार्थी द्वारा शपथ-पत्र प्रस्तुत किये जाने का विवरण-

शपथ-पत्र मै शपथी ..............................आयु..................पुत्र/पुत्री/पत्नी............................निवासी ग्राम........................................तहसील.............................जनपद............. शपथ पूर्वक निम्न बयान करता हूं/करती हूं:-

१. यह कि जिला औद्यानिक मिशन योजनार्न्तगत प्रार्थी एक लाभार्थी है।
२. यह कि प्रार्थी द्वारा योजना के अर्न्तगत लिये गये कार्यक्रम का क्रियान्वयन पूर्ण लगन एवं इमानदारी से क्रियान्वित किया जायेगा तथा कार्यक्रम क्रियान्वयन हेतु निर्धारित दिशा-निदेशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा तथा कार्यक्रम हेतु प्राप्त सहायता धनराशि का निर्धारित व स्वीकृत मदों में ही व्यय किया जायेगा।
३. यह कि यदि प्रार्थी उक्त कार्य निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार सम्पन्न न किये जाने अथवा धनराशि का दुरूपयोग होने की दशा में प्रार्थी इस हेतु स्वयं उत्तरदायी होगा।
४. यह कि मिशन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य सम्पन्नित न होने पर प्राप्त अनुदान की धनराशि प्रार्थी द्वारा वापस कर दी जायेगी।
५. यह कि प्रार्थी द्वारा अनुदान की धनराशि वापस न करने पर जिला औद्यानिक मिशन/जिलाधिकारी को प्रार्थी की चल-अचल सम्पत्ति से भूःराजस्व की भॉति वसूली करने का अधिकार होगा। दिनांकः शपथी सत्यापन मैं शपथी उपरोक्त यह सत्यापित करता हॅू/करती है कि शपथ-पत्र की धारा-१ से ५ तक सत्य एवं सही है। कोई तथ्य छिपाया नहीं गया है। अपने हस्ताक्षर/अगूठे का निशान बनाकर सत्यापित किया। शपथी