रणनीति

उपरोक्त उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए मिशन द्वारा निम्नलिखित रणनीतियों को अंगीकृत किया जाएगा :

( i )   किसानों/उत्पादकों की उचित आय को सुनिश्चित करने के लिए एक छोर से दूसरे छोर तक सर्वांगीण दृष्टिकोण को सुनिश्चित करना जिसमें उत्पादन, फसल कटाई के बाद का प्रबंधन, प्रसंस्करण और विपणन शामिल हैं;

( ii )   उत्पादन, फसल कटाई के बाद का प्रबंध और प्रसंस्करण के लिए अनुसंधान एवं विकास प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना;

( iii )   निम्नलिखित के माध्यम से क्षेत्रफल, आच्छादन तथा उत्पादकता में वृद्धि ;

 

(क)     पारंपरिक फसलों को रोपण फसलों, बागानों, अंगूर बागान, पुष्प और सब्जी बागानों के रूप में परिवर्तित करना;

(ख)    उच्च-तकनीक संबंधी बागवानी खेती और उत्कृष्ट कृषि के लिए किसानों में उचित   प्रौद्योगिकी का प्रसार करना।

( iv )   फसल कटाई के बाद की सुविधाओं को स्थापित करने में सहायता करना जैसे पैक-हाउस, परिपक्वन चैम्बर, शीत भंडारण, नियंत्रित वायुमंडल (सी ए) भंडारण आदि, मूल्यवर्धन उत्पाद के लिए प्रसंस्करण यूनिट तथा विपणन संबंधी बुनियादी ढांचा;

( v )   समन्वित दृष्टिकोण अंगीकृत करना और प्रतिभागिता को बढ़ावा देना, अनुसंधान एवं विकास के बीच सहयोग बनाना तथा एक दूसरे की ओर अभिमुख होकर काम करने को बढ़ावा देना, राष्ट्रीय, क्षेत्रीय, राज्य और उप-राज्य स्तर पर सार्वजनिक क्षेत्र के साथ-साथ निजी क्षेत्रों में प्रसंस्करण और विपणन एजेंसियों को बढ़ावा देना;

( vi )     जहां भी उचित और व्यवहारिक हो वहां किसानों के लिए पर्याप्त आय और इनकी साहयता को सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एन डी डी बी) के सहकारी माडल को प्रोत्साहित किया जायेगा;

( vii )  सभी स्तरों पर क्षमता निर्माण और मानव संसाधन विकास को बढ़ावा देना।